वाशिंगटन डी.सी. में White House के पास दो नेशनल गार्ड सैनिकों को नज़दीक से गोली मारी गई, जिसके बाद पूरे अमेरिका में तनाव फैल गया है। पुलिस को संदेह है कि यह एक सोची-समझी टार्गेटेड किलिंग हो सकती है। घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनता को संबोधित करते हुए हमलावर के लिए कड़ी चेतावनी जारी की और कहा कि अपराधी को “भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।” उन्होंने यह भी बताया कि हमले में शामिल संदिग्ध की पहचान एक अफगान नागरिक के रूप में हुई है
संदिग्ध अफगान मूल का — ट्रंप
ट्रंप ने इस घटना को आतंकवादी हमला बताया और कहा कि सरकार इस मामले में तुरंत और कड़े कदम उठाएगी। उनके अनुसार, होमलैंड सिक्योरिटी ने पुष्टि की है कि संदिग्ध अफगानिस्तान का रहने वाला है।
ट्रंप ने कहा— “यह हमला शुद्ध दुष्टता और नफ़रत से भरा आतंक था। यह पूरे अमेरिका पर और मानवता पर किया गया अपराध था। आज रात पूरा राष्ट्र वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के उन दो घायल जवानों और उनके परिवारों के साथ खड़ा है।”
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‘अफगानिस्तान से आए हर विदेशी की फिर से जांच हो’
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पकड़ा गया व्यक्ति अफगानिस्तान से अमेरिका आया विदेशी नागरिक है। उन्होंने बाइडेन प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि अफगानिस्तान से आए सभी लोगों की दोबारा जाँच होनी चाहिए।
उनके शब्दों में— “यदि कोई हमारे देश से प्रेम नहीं कर सकता, तो हम उसे यहाँ नहीं चाहते। अमेरिका आतंक के सामने कभी नहीं झुकेगा। बाइडेन सरकार ने दुनिया भर से 20 मिलियन अज्ञात विदेशियों को देश में आने दिया है।”
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500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने सुरक्षा बढ़ाने के लिए 500 और सैनिकों की तैनाती का निर्देश दिया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी पुष्टि की कि राष्ट्रपति ने अतिरिक्त फोर्स भेजने को कहा है। सीबीएस न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल गार्ड्स पर गोली चलाने वाले संदिग्ध का नाम रहमानुल्ला लाकनवाल है, जो 2021 में अमेरिका पहुँचा था। प्रारंभिक जानकारी से लगता है कि उसने यह हमला अकेले ही किया।







