अयोध्या श्रीराम मंदिर में भव्य भगवा ध्वज स्थापना समारोह
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मंगलवार को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भव्य भगवा ध्वज फहराने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को भारत की सभ्यता और संस्कृति के स्वर्णिम अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कई पोस्ट साझा कीं, जिसमें उन्होंने इस आयोजन की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को विस्तार से बताया।

मुख्य बिंदु:
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भगवा ध्वज का महत्व
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मंदिर पर ध्वज फहराना मंदिर निर्माण के पूरा होने का प्रतीक है।
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इसे पूरे देश में एक बड़ा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पल माना जा रहा है।
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यह आस्था, सभ्यता और मानवता के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है।

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सीएम Yogi के संदेश
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“यह ध्वजारोहण सत्य की अजेयता, आस्था की अमरता और संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है।”
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उन्होंने इसे केवल एक पताका नहीं, बल्कि आत्मबल और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक बताया।
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कहा: “राष्ट्र आज राममय और धर्ममय है।”
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अतिथि और संतों का स्वागत
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पूरे देश और विदेश से आने वाले संत, धर्माचार्य और रामभक्तों का स्वागत।
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कार्यक्रम में पीएम मोदी और आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की उपस्थिति।
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सीएम योगी ने कहा कि अतिथियों की उपस्थिति राष्ट्रीय और धार्मिक पुनर्स्थापना के संकल्प को नई ऊर्जा देती है।
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ध्वज का विवरण
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लंबाई: 22 फीट
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चौड़ाई: 11 फीट
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वजन: लगभग 2–3 किलोग्राम
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डिज़ाइन: गुजरात के अहमदाबाद के पैराशूट विशेषज्ञ ने तैयार किया।
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ऊंचाई पर टिकाने के लिए विशेष डिजाइन, मंदिर की चोटी 161 फीट और ध्वज का पोल 42 फीट लंबा।
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सुरक्षा और नियम
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मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं।
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अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, हजारों पुलिस और विशेष सुरक्षा बल तैनात।
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हजारों भक्त, धर्मगुरु और अन्य आम लोग समारोह में शामिल होंगे।
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सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता
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यह इवेंट अयोध्या के आसपास हो रहे सांस्कृतिक बदलाव में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
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भगवा ध्वज का आरोहण सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जा रहा है।
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