PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' (Mann Ki Baat) के जरिए एक बार फिर देशवासियों से संवाद किया। साल 2026 का आधा समय बीतने के साथ ही इस बार का यह संबोधन कई मायनों में बेहद खास रहा, क्योंकि इसमें बीते छह महीनों के दौरान भारत की बढ़ती ताकत और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों की एक बेहद सुंदर तस्वीर देखने को मिली। अपने इस संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा से लेकर खेल, संस्कृति और समाज सेवा तक के कई अहम पहलुओं पर खुलकर बात की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि समुद्र से लेकर आसमान तक भारत की सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है, जिससे हर नागरिक का हौसला और देश के प्रति गौरव का भाव और ज्यादा बढ़ जाता है।
Mann ki baat 135वां एपिसोड
PM Modi के इस मासिक कार्यक्रम का यह संस्करण देश की सामूहिक प्राथमिकताओं को समझने का एक बड़ा जरिया बना। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने बताया कि बीते कुछ महीनों में देश ने जो प्रगति की है, वह वाकई हमारे साझा संकल्पों का परिणाम है।
इस बातचीत के दौरान उन्होंने न केवल सरकार की नीतियों बल्कि जमीन पर काम कर रहे आम लोगों के योगदान की भी जमकर सराहना की। उनका पूरा संदेश इस बात के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा कि कैसे छोटी-बड़ी कोशिशें मिलकर एक विकसित और सशक्त राष्ट्र के निर्माण का आधार बनती हैं। नागरिकों से संवाद करते हुए उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि चाहे वह रक्षा का मैदान हो या समाज सेवा का, भारतीय आज हर मोर्चे पर आगे बढ़ रहे हैं।
देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता
अपने इस विशेष संबोधन में प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदमों के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने हाल ही में कोलकाता में नौसेना के बेड़े में शामिल किए गए तीन नए स्वदेशी युद्धपोतों— INS दूनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय का गौरव के साथ उल्लेख किया. उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि इन युद्धपोतों की डिजाइनिंग से लेकर इनके निर्माण तक का पूरा काम पूरी तरह से भारत में ही किया गया है।
जो हमारी घरेलू निर्माण क्षमता की असल ताकत को दिखाता है. इसके साथ ही उन्होंने विमानन के क्षेत्र में मिली बड़ी कामयाबी का जिक्र करते हुए देश में बन रहे Made in India C-295 विमान की पहली उड़ान की सराहना की. भारत में ही तैयार हो रहे इन 40 विमानों की वजह से न केवल देश के एमएसएमई और एयरोस्पेस सेक्टर को नई ताकत मिल रही है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के ढेरों नए मौके भी पैदा हो रहे हैं।
योग में भारत ने फिर बनाया नया रिकॉर्ड
सांस्कृतिक और खेल के मोर्चे पर देश को मिली अंतरराष्ट्रीय कामयाबियों का जिक्र करते हुए PM Modi ने योग के वैश्विक प्रभाव की बात की. उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर दुनिया भर में 2,500 से भी अधिक जगहों पर योग से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें करोड़ों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके अलावा उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित हुई विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों की ऐतिहासिक सफलता की कहानी भी साझा की।
इस प्रतियोगिता में भारतीय एथलीटों ने अपना दबदबा कायम रखते हुए कुल 114 पदक अपने नाम किए, जिनमें से 102 स्वर्ण पदक थे। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर रहा, जिसे प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं की बढ़ती खेल प्रतिभा और भारत के बढ़ते सांस्कृतिक नेतृत्व का एक मजबूत प्रमाण बताया।
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महाराष्ट्र के परिवार की पहल
संबोधन के आखिरी हिस्से में PM Modi ने एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक सामाजिक कहानी देश के सामने रखी. उन्होंने महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के अंतर्गत आने वाले बहादुरपुरा गांव के पेठकर परिवार का उदाहरण दिया, जिन्होंने समाज सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश की है। इस परिवार ने अपने घर में आयोजित एक विवाह समारोह की खुशियों को केवल अपने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरे गांव के साथ साझा किया। उन्होंने इस खास मौके पर गांव के लगभग 3,500 लोगों के लिए एक-एक लाख रुपये का दुर्घटना बीमा करवाया।
प्रधानमंत्री ने इस परिवार की इस अनूठी सोच की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत समय में किसी जरूरतमंद परिवार को आर्थिक संबल देने का यह तरीका बेहद अनुकरणीय है और समाज के अन्य लोगों को भी इस तरह के परोपकारी कार्यों के लिए प्रेरित करता है।
देखा जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन देश की सुरक्षा, तकनीकी आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक जिम्मेदारी का एक बेहतरीन मिश्रण रहा। रक्षा उपकरणों के स्वदेशी निर्माण से लेकर योग के मैदान में वैश्विक रिकॉर्ड बनाने और समाज कल्याण के अनोखे प्रयासों तक, यह पूरा संदेश यह साफ करता है कि देश आज आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है. यह सभी प्रयास न केवल वर्तमान को सुरक्षित कर रहे हैं बल्कि आने वाले समय में एक सशक्त और विकसित भारत की बेहद मजबूत नींव भी तैयार कर रहे हैं।






