ECI Conference: चुनाव आयोग (ECI) ने देश की चुनावी कानूनी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण ‘महामंथन’ किया है। शनिवार को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) में देश भर के दिग्गज वकीलों का जमावड़ा लगा। मौका था- चुनाव आयोग के कानूनी सलाहकारों की दूसरी नेशनल कॉन्फ्रेंस का।
इस हाई-प्रोफाइल बैठक की शुरुआत मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की मौजूदगी में की।
वोटर लिस्ट को लेकर CEC का बड़ा बयान
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक ऐसा मंत्र दिया जो आने वाले चुनावों की दिशा और दशा तय करेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर देश में निष्पक्ष चुनाव कराने हैं, तो सबसे पहले वोटर लिस्ट (Electoral Rolls) का बिल्कुल सटीक होना जरूरी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा: “Fair rolls lead to fair polls (अगर वोटर लिस्ट निष्पक्ष और सही होगी, तो चुनाव भी पूरी तरह निष्पक्ष होंगे)। आज का सबसे बड़ा मंत्र यही है और भारत इस वक्त इसी दौर में है।”
उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और बूथ लेवल एजेंटों (BLA) को चुनावी प्रबंधन की असली रीढ़ की हड्डी बताया। साथ ही, हाल ही में संपन्न हुए असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग के लिए मतदाताओं को बधाई दी। उन्होंने अदालतों में चुनाव आयोग का मजबूती से पक्ष रखने के लिए अपने वकीलों की जमकर पीठ थपथपाई।
बंद कमरे में किस बात पर हुआ मंथन?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस कॉन्फ्रेंस की थीम “A Year of Legal Challenges, Experiences, Learnings and the Way Forward” रखी गई थी। इस बैठक में उन सभी कानूनी पेचदगियों पर चर्चा हुई जो चुनाव के दौरान आयोग के सामने चुनौती बनकर खड़ी होती हैं।
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ईवीएम का लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन: बैठक में वकीलों के सामने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का लाइव प्रदर्शन किया गया, ताकि कोर्ट में ईवीएम पर उठने वाले हर सवाल का वकील पूरी तकनीकी जानकारी के साथ जवाब दे सकें।
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विशेष गहन संशोधन (SIR): वोटर लिस्ट को सुधारने और फर्जी नामों को हटाने की प्रक्रियाओं पर गहन चर्चा हुई।
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ECINET और टेक्नोलॉजी: चुनाव आयोग के हाई-टेक इनिशिएटिव जैसे ‘ECINET’ और अन्य तकनीकी प्रणालियों पर वकीलों को ब्रीफ किया गया।
ECI Conference “चुनौतियों से निपटने के लिए तालमेल जरूरी”
चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने इस मौके पर कहा कि इस तरह के आयोजनों से देश भर में चुनाव आयोग और उसके कानूनी प्रतिनिधियों के बीच तालमेल कई गुना मजबूत होगा। वहीं, चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने बदलते दौर की कानूनी चुनौतियों और अदालती कार्यवाहियों से निपटने के लिए एक साझा और अचूक कानूनी रणनीति तैयार करने पर जोर दिया।
आपको बता दें कि साल 2025 में हुई पहली कॉन्फ्रेंस के बाद, साल 2026 की यह दूसरी बड़ी बैठक है, जो साफ इशारा करती है कि चुनाव आयोग अब अदालती लड़ाई से लेकर जमीनी चुनावी तैयारियों तक, खुद को हर मोर्चे पर ‘बुलेटप्रूफ’ बनाने में जुट गया है।





