अत्याधुनिक STEM प्रयोगशाला का शुभारंभ
इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला का उद्घाटन केंद्रीय विद्यालय संगठन के संयुक्त आयुक्त श्री नागेंद्र गोयल द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रयोगशाला विद्यार्थियों के लिए सीखने का एक नया आयाम प्रस्तुत करेगी। यहाँ विद्यार्थी अनुभव और प्रयोग के माध्यम से ज्ञान अर्जित करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल विद्यार्थियों में सृजनशीलता, अनुसंधान भावना और नवाचार की सोच को प्रोत्साहित करेगी, जिससे वे भविष्य में विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में अपना योगदान दे सकें।
सहयोगी संस्थाएँ और उद्देश्य
इस प्रयोगशाला की स्थापना में सोसाइटी फॉर ऑल राउंड डेवलपमेंट और ओरेकल संस्था का विशेष सहयोग रहा। दोनों संस्थाओं ने संयुक्त रूप से उपकरण, तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण संसाधन उपलब्ध कराए हैं।
इस अवसर पर नागेंद्र गोयल ने कहा कि निजी और शैक्षणिक संस्थाओं के बीच इस तरह का सहयोग शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि नई तकनीक के साथ विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक शिक्षा देना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप है।
STEM प्रयोगशाला शिक्षा में नवाचार की दिशा में बड़ा कदम
विद्यालय की प्राचार्या संगीता जैदी ने इस अवसर पर कहा कि यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तनकारी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा, “STEM प्रयोगशाला न केवल विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान देगी, बल्कि उन्हें व्यावहारिक और अनुभवात्मक शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ाएगी।”
प्राचार्या ने आगे कहा कि यह प्रयोगशाला छात्रों के लिए विचारों को उड़ान देने का मंच बनेगी, जहाँ वे अपने नए विचारों को प्रयोगों के माध्यम से साकार कर सकेंगे। इससे उनकी समस्या-समाधान क्षमता और अनुसंधान कौशल में भी वृद्धि होगी।
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छात्रों में उत्साह और नई उम्मीदें
STEM प्रयोगशाला के उद्घाटन से विद्यालय में छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। छात्रों ने विज्ञान और तकनीकी उपकरणों के साथ नए प्रयोग करने की इच्छा व्यक्त की।
विद्यालय प्रबंधन समिति ने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और नवाचार के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी। आने वाले वर्षों में यह प्रयोगशाला विद्यालय को एक शिक्षण मॉडल सेंटर के रूप में स्थापित करेगी।
भविष्य की योजनाएँ
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि STEM प्रयोगशाला के माध्यम से आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिताओं में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), और कोडिंग से जुड़े वर्कशॉप भी आयोजित किए जाएंगे।
श्री नागेंद्र गोयल ने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है, और यदि उन्हें सही दिशा में प्रयोगात्मक शिक्षा दी जाए तो वे देश को वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं।
रिपोर्ट — मुरादाबाद संवाददाता







