मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बोले — “चुनाव लोकतंत्र की नींव है”, कानपुर में माथुर वैश्य समाज के सम्मान समारोह में हुए शामिल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बोले — “चुनाव लोकतंत्र की नींव है”, कानपुर में माथुर वैश्य समाज के सम्मान समारोह में हुए शामिल

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कानपुर, 2 नवंबर 2025: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार आज कानपुर नगर पहुंचे, जहां उन्होंने स्पोर्ट्स हब में माथुर वैश्य समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, चुनाव की पारदर्शिता और मतदाता सूची के शुद्धिकरण पर अपने विचार साझा किए।

“चुनाव लोकतंत्र की नींव है” — मुख्य चुनाव आयुक्त

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि “चुनाव लोकतंत्र की नींव होता है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में उनका पहला दायित्व यह सुनिश्चित करना है कि देश की मतदाता सूची सटीक और पारदर्शी हो।

उन्होंने कहा, “प्रत्येक नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना चाहिए, ताकि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष, सुगम और पारदर्शी हो।”

मतदाता सूची शुद्धिकरण: दुनिया का सबसे बड़ा अभियान

ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार में इस समय जो चुनाव हो रहे हैं, वे दुनिया के सबसे बड़े दस चुनावों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग (Election Commission) ने देशभर में एसआईआर — स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision) अभियान की शुरुआत की थी, जिसका बिहार में सफलतापूर्वक समापन हुआ।

गौरतलब है कि इस पूरे अभियान के दौरान एक भी शिकायत दर्ज नहीं हुई, जो चुनाव आयोग की कार्यकुशलता और पारदर्शिता का प्रतीक है।

उन्होंने बिहार के मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम को विश्व का सबसे बड़ा शुद्धिकरण अभियान बताया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी बताया कि आने वाले समय में 12 राज्यों में 51 करोड़ मतदाताओं की सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा, जो अपने आप में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कार्य होगा।

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“Zero Tolerance Towards Violence” — बिहार चुनाव पर दो टूक

“Election Commission has zero tolerance towards violence.”

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि Rule of Law (कानून का शासन) के प्रति आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है और बिहार के चुनाव शांति एवं कानून व्यवस्था के साथ संपन्न कराए जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि हर मतदाता के लिए चुनाव एक पर्व की तरह होगा और बिहार का यह चुनाव पारदर्शिता और शांति के मामले में देश और दुनिया के लिए मिसाल बनेगा।

“आयोग के लिए न कोई पक्ष है, न विपक्ष”

पत्रकारों से बातचीत में मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि बिहार के चुनाव में सभी राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों के माध्यम से जनता से संवाद कर रहे हैं, जो एक स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के लिए न कोई पक्ष है और न विपक्ष, बल्कि सभी राजनीतिक दल समान रूप से आयोग की नजर में हैं। यह निष्पक्षता और पारदर्शिता ही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।

मतदाताओं से शांति और निडरता के साथ मतदान की अपील

ज्ञानेश कुमार ने बिहार और देशभर के मतदाताओं से निडर होकर मतदान में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि हर मतदाता शांतिपूर्वक, भयमुक्त और अपनी स्वेच्छा से मतदान कर सके

मुख्य चुनाव आयुक्त ने दृढ़ता से कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा या बाधा की गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग की प्राथमिकता है — निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त चुनाव प्रक्रिया।

सम्मान समारोह में गरिमा और आभार का भाव

माथुर वैश्य समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य चुनाव आयुक्त का भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में कानपुर के अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में ज्ञानेश कुमार ने कहा कि समाज की एकजुटता और नागरिक जागरूकता ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।

कार्यक्रम की मुख्य बातें:

  • स्थान: स्पोर्ट्स हब, कानपुर नगर
  • मुख्य अतिथि: ज्ञानेश कुमार (मुख्य चुनाव आयुक्त, भारत सरकार)
  • आयोजक: माथुर वैश्य समाज
  • मुख्य विषय: मतदाता सूची शुद्धिकरण, चुनाव पारदर्शिता, लोकतांत्रिक जिम्मेदारी
रिपोर्ट — राजेश श्रीवास्तव, कानपुर

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