भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड कप 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई। इस ऐतिहासिक जीत के पीछे खिलाड़ियों की मेहनत के साथ-साथ मानसिक मजबूती का भी बड़ा योगदान रहा। हाल ही में टीम की खिलाड़ी जेमिमा रोड्रिग्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि वह लंबे समय से एंग्जाइटी यानी मानसिक तनाव का सामना कर रही हैं। जेमिमा ने बताया कि टूर्नामेंट की शुरुआत में वह मैच से पहले अक्सर रोती थीं और उन्हें लगने लगता था कि पूरा ध्यान उन पर है। इस कठिन समय में उनके माता-पिता और टीम के साथी उनके सबसे बड़े सहारा बने।

जेमिमा की इस बहादुरी और अपने अनुभव को साझा करने की इच्छा ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी। खासकर दीपिका पादुकोण ने जेमिमा के हौसले को सराहा। दीपिका ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर जेमिमा की वीडियो शेयर की और लिखा, “जेमिमा रोड्रिग्स, अपनी कहानी साझा करने के लिए शुक्रिया।” दीपिका खुद पहले डिप्रेशन और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर चुकी हैं और अब वे मेंटल हेल्थ अवेयरनेस फैलाने का काम कर रही हैं। उनके इस संदेश ने जेमिमा और कई युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा का काम किया।
खिलाड़ियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा अक्सर अनदेखा रह जाता है, लेकिन हाल की घटनाओं ने इसे जोरदार तरीके से सामने रखा है। जेमिमा ने बताया कि शुरुआती दौर में उनके एंग्जाइटी के कारण खेल प्रदर्शन प्रभावित हो रहा था। उनके माता-पिता ने उन्हें लगातार सपोर्ट किया और टीम के साथी भी हमेशा उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने यह भी कहा कि अब वह बेहतर महसूस कर रही हैं और टीम के साथ आत्मविश्वास से खेल रही हैं। इस तरह की खुली बातचीत से न केवल खिलाड़ियों के लिए बल्कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी जागरूकता बढ़ रही है।
जेमिमा रोड्रिग्स ने खोले वर्ल्ड कप फाइनल से पहले अपने मानसिक संघर्ष-
भारतीय क्रिकेटर जेमिमा रोड्रिग्स ने मैच के बाद अपने मानसिक संघर्षों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्हें वर्ल्ड कप टीम से ड्रॉप कर दिया गया था, हालांकि वह फॉर्म में थीं। पूरे टूर के दौरान वह लगभग हर दिन रोती रहीं और एंग्जाइटी से जूझ रही थीं, लेकिन उन्होंने खुद को संभाले रखा और बाइबिल की पंक्तियों को दोहराकर शांत रहने की कोशिश की। जेमिमा ने मुंबई के दर्शकों का भी धन्यवाद दिया। अब भारतीय टीम 2 नवंबर को नवी मुंबई में साउथ अफ्रीका के खिलाफ फाइनल मुकाबला खेलने उतरेगी। इससे पहले टीम 2005 और 2017 में वनडे वर्ल्ड कप फाइनल तक पहुंच चुकी है, लेकिन खिताब अब तक अधूरा है।







