प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह सिर्फ मसल्स बनाने के लिए नहीं, बल्कि हड्डियों, त्वचा, खून, एंजाइम और हार्मोन के निर्माण के लिए भी आवश्यक है। प्रोटीन शरीर के विकास और मरम्मत का मुख्य स्रोत है और इसकी कमी से थकान, कमजोर मसल्स और स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। आमतौर पर लोग प्रोटीन के लिए अंडा का सहारा लेते हैं क्योंकि यह आसानी से उपलब्ध और उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन स्रोत है। लेकिन कई लोग अंडा नहीं खाते या उन्हें एलर्जी होती है। ऐसे में डाइट में प्रोटीन को शामिल करना चुनौतीपूर्ण लगता है।
नॉन-वेज प्रोटीन विकल्प –
अगर आप नॉन-वेज खाते हैं और अंडा नहीं ले सकते, तो चिकन ब्रेस्ट, मीट, सैल्मन, टूना और मैकेरल जैसी मछलियां प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत हैं। इन खाद्य पदार्थों में प्रोटीन के साथ-साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड भी होता है, जो हृदय स्वास्थ्य और मस्तिष्क के लिए फायदेमंद है। हालांकि ऐसे सी फूड्स का ही सेवन करें जिनमें मिथाइल मर्करी कम हो जैसे सैल्मन, एंकोवी और ट्राउट.

डेयरी आधारित प्रोटीन स्रोत –
डेयरी उत्पाद भी अंडा के बिना प्रोटीन लेने का अच्छा विकल्प हैं। दूध, पनीर, दही और ग्रीक योगर्ट में प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है। इसके साथ ही ये कैल्शियम, विटामिन और खनिजों से भी भरपूर होते हैं। ग्रीक योगर्ट प्रोटीन और पोषक तत्वों का एक संपूर्ण स्रोत है। हालांकि, डेयरी उत्पादों में सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक हो सकती है, इसलिए लो-फैट विकल्प चुनना और पनीर की मात्रा नियंत्रित रखना बेहतर है।

प्लांट बेस्ड प्रोटीन विकल्प –
यदि आप शाकाहारी हैं या प्लांट-बेस्ड डाइट फॉलो करते हैं, तो बीन्स, मटर, छोले, किडनी बीन्स, मसूर दाल, सोयाबीन, एडामे और क्विनोआ जैसी चीजें प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत हैं। ये फूड्स न केवल प्रोटीन देते हैं, बल्कि फाइबर, फोलेट, पोटेशियम, आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं। नियमित सेवन से मसल्स बिल्डिंग, पाचन तंत्र और ऊर्जा स्तर में सुधार होता है। प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के साथ हरी सब्जियां और साबुत अनाज मिलाकर डाइट और भी संतुलित बन सकती है।

मेवे और बीज: हेल्दी फैट्स और प्रोटीन का कॉम्बिनेशन –
बादाम, अखरोट, हेज़लनट्स, मूंगफली, चिया सीड्स, कद्दू और सूरजमुखी के बीज प्रोटीन के साथ हेल्दी फैट्स, विटामिन और खनिज भी प्रदान करते हैं। पीनट बटर भी प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। ध्यान रखें कि मेवों में कैलोरी और फैट की मात्रा अधिक होती है, इसलिए मात्रा नियंत्रित करें। इन्हें सलाद, स्मूदी या स्नैक्स के रूप में शामिल कर सकते हैं।







