Gorakhpur International cricket stadium: गोरखपुर के खेल प्रेमियों और शहर के विकास में दिलचस्पी रखने वालों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। शहर अब सिर्फ अपनी खिचड़ी मेले या टेराकोटा के लिए ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए भी पहचाना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार, 16 मई को गोरखपुर के पहले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास करने जा रहे हैं।
चलिए जानते हैं कि यह स्टेडियम कैसा होगा और इससे शहर की सूरत कितनी बदल जाएगी।

गोरखपुर को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन गोरखपुर को हर क्षेत्र में नंबर वन बनाने का रहा है। इसी कड़ी में अब स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को नया विस्तार दिया जा रहा है। शनिवार को सीएम योगी ताल नदोर में इस भव्य स्टेडियम का भूमि पूजन करेंगे। यह उत्तर प्रदेश का चौथा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम होगा। इससे पहले कानपुर और लखनऊ में स्टेडियम मौजूद हैं, जबकि वाराणसी में निर्माण कार्य चल रहा है।
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 392.94 करोड़ रुपये है। अच्छी बात यह है कि काम सिर्फ कागजों पर नहीं है; निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में 63.39 करोड़ रुपये जारी भी हो चुके हैं। मौके पर मिट्टी भराई और लेवलिंग का काम शुरू हो चुका है, जिससे उम्मीद है कि तय समय में यह बनकर तैयार हो जाएगा।

ताल नदोर में बनेगा भव्य खेल परिसर
यह स्टेडियम गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर स्थित ताल नदोर में 46 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला होगा। इसकी सबसे खास बात इसकी दर्शक क्षमता है; यहाँ एक साथ 30 हजार लोग मैच का लुत्फ उठा सकेंगे। स्टेडियम का डिजाइन ‘ग्राउंड प्लस टू फ्लोर’ के आधार पर तैयार किया गया है। 1500 वाहनों की पार्किंग, कॉर्पोरेट बाक्स, प्रेसिडेंशियल सुइट, मीडिया लाउंज और ब्राडकास्टिंग सुविधाएं इसे विश्वस्तरीय पहचान देंगी।
खिलाड़ियों की सुविधा के लिए यहाँ 7 मुख्य प्लेइंग पिच और 4 प्रैक्टिस पिच बनाई जा रही हैं। साथ ही, रात में मैच आयोजित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली चार हाई मास्ट लाइटें भी लगाई जाएंगी। स्टेडियम का पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड दर्शकों के लिए होगा, जबकि नॉर्थ पैवेलियन मीडिया के लिए और साउथ पैवेलियन वीआईपी मेहमानों के लिए रिजर्व रहेगा। स्टेडियम के पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में प्रत्येक में 14,490 दर्शक बैठ सकेंगे। साथ ही अंडरग्राउंड वाटर टैंक, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम जैसी सुविधाएं इसे स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का उदाहरण बनाएंगी।

कनेक्टिविटी और विकास का नया मॉडल
स्टेडियम के लिए जगह का चुनाव बहुत सोच-समझकर किया गया है। यह स्थान गोरखपुर एयरपोर्ट से करीब 24 किमी और रेलवे स्टेशन से 20 किमी की दूरी पर है। वाराणसी हाईवे पर होने की वजह से यहाँ पहुंचना बहुत आसान होगा।
जिलाधिकारी दीपक मीणा के अनुसार, गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर बहुआयामी विकास का एक नया मॉडल दिखेगा। इस स्टेडियम के आने से ताल नदोर के आसपास के इलाकों में व्यापार और रोजगार के नए मौके मिलेंगे। यहाँ पहले से ही पशु चिकित्सा महाविद्यालय और कान्हा गोशाला का निर्माण हो रहा है, जिससे यह पूरा क्षेत्र एक नए हब के रूप में विकसित होगा।
गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण न केवल खेल प्रतिभाओं को निखारने का काम करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी रफ्तार देगा। लोक निर्माण विभाग ने इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। उम्मीद है कि जल्द ही हम अपने शहर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को चौके-छक्के लगाते देख सकेंगे। यह प्रोजेक्ट वाकई गोरखपुर के सुनहरे भविष्य की ओर एक बड़ा कदम है।
