Assembly Election Results: 4 मई, 2026 का दिन भारतीय जनता पार्टी और देश के सबसे बड़े लोकतंत्र के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो चुका है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (Assembly Election Results 2026) के जो नतीजे सामने आए हैं, उन्होंने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल पुराने शासन और उसकी कथित अराजक नीतियों को नकारते हुए, पश्चिम बंगाल की जनता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को एक प्रचंड और ऐतिहासिक जनादेश दिया है।
इस अभूतपूर्व विजय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे पार्टी के ज़मीनी कार्यकर्ताओं के लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान की जीत बताया है। अमित शाह ने कहा कि राज्य में पार्टी का बहुमत तक पहुंचना कोई साधारण घटना नहीं है, बल्कि यह उन अनगिनत कार्यकर्ताओं के धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिणाम है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों और हिंसा का सामना करते हुए भी भगवा ध्वज को झुकने नहीं दिया।
कार्यकर्ताओं के संघर्ष और बलिदान को अमित शाह का नमन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक भावुक और प्रेरणादायक पोस्ट के माध्यम से पश्चिम बंगाल की इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया है। शाह ने अपने संदेश में लिखा:
बंगाल में भाजपा को मिली यह ऐतिहासिक जीत हमारे असंख्य कार्यकर्ताओं के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। यह उन परिवारों के धैर्य की जीत है, जिन्होंने हिंसा सहकर भी भगवा ध्वज नहीं छोड़ा।
भाजपा की शून्य से आज प्रचंड बहुमत तक पहुँचने की इस कठिन यात्रा में जिन कार्यकर्ताओं ने अपने…
— Amit Shah (@AmitShah) May 4, 2026
गृह मंत्री ने आगे कहा कि ज़मीनी स्तर पर शून्य से शुरू होकर इस विशाल बहुमत तक पहुंचने का सफर काफी कठिन और कांटों भरा रहा है। इस दौरान पार्टी ने अपने कई कर्मठ कार्यकर्ताओं को खोया, उन्हें यातनाएं दी गईं, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी विचारधारा से कभी विचलित नहीं हुए।
गृह मंत्री ने अपने संदेश में कार्यकर्ताओं के उन परिवारों को भी नमन किया, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोने का दर्द सहा, लेकिन राष्ट्रवाद का साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने आश्वस्त किया कि पश्चिम बंगाल की जनता ने इस जनादेश के माध्यम से उन सभी शहीद कार्यकर्ताओं को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है।
Assembly Election Results: तुष्टीकरण की राजनीति पर जनता की करारी चोट
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की यह जीत केवल एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि राज्य के तुष्टीकरण और विभाजनकारी राजनीति के अंत की शुरुआत है। अमित शाह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि बंगाल की जागरूक जनता ने उन सभी तत्वों को सबक सिखाया है जो राज्य की मूल संस्कृति को नुकसान पहुंचा रहे थे। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति करने वाली पार्टियों को अब यह समझ लेना चाहिए कि जनता अब उनके बहकावे में नहीं आने वाली है।
अमित शाह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी और सशक्त नेतृत्व के कारण ही आज बंगाल की जनता ने भाजपा पर यह विश्वास जताया है। भाजपा का संकल्प है कि पार्टी जनता की उन सभी उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करेगी, जिनके साथ उन्होंने यह प्रचंड जनादेश दिया है।

ललन सिंह का बड़ा बयान: ‘अराजकता के युग का अंत’
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने भी पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों पर खुशी जाहिर की और राज्य में एक नए, लोकतांत्रिक युग के उदय की बात कही। ललन सिंह ने पूर्ववर्ती वामपंथी सरकारों और मौजूदा ममता बनर्जी सरकार दोनों पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि बहुत लंबे समय के बाद पश्चिम बंगाल में वास्तविक अर्थों में जनता का राज स्थापित हुआ है:
“बहुत लंबे समय के बाद, पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र स्थापित हुआ है। पिछली वामपंथी सरकार और फिर ममता बनर्जी की सरकार ने पूरे बंगाल में अराजक तत्वों का शासन कायम कर दिया था। शासन के नाम पर, उनके अराजक कार्यकर्ता आम लोगों को डरा-धमका रहे थे। आज, जनता के शासन की वापसी हुई है।”
राजीव रंजन सिंह ने यह भी कहा कि टीएमसी के शासनकाल में आम लोगों को भारी भय के साये में जीना पड़ता था, लेकिन इस चुनाव ने बंगाल की जनता को उस खौफ से मुक्त कर दिया है।

‘सोनार बांग्ला’ के सपने की ओर कदम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पोस्ट में इस बात को रेखांकित किया कि पश्चिम बंगाल चैतन्य महाप्रभु, स्वामी विवेकानंद, कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान विभूतियों की पावन धरती है।
भारतीय जनता पार्टी बंगाल की खोई हुई सांस्कृतिक और ऐतिहासिक शान को वापस लाने के लिए दिन-रात काम करेगी। ‘सोनार बांग्ला’ (Golden Bengal) का जो सपना भाजपा ने देखा है, उसे साकार करने की दिशा में यह जीत एक बहुत बड़ा कदम है।
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सांस्कृतिक पुनरुत्थान: राज्य के गौरव को वापस लाने के लिए शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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सुरक्षित बंगाल: राज्य में शांति और कानून का राज स्थापित किया जाएगा, ताकि कोई भी नागरिक भय के माहौल में न रहे।
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राष्ट्रवादी चेतना: बंगाल के विकास को देश की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा, जो पूर्वोत्तर भारत के विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।
Assembly Election Results: एक नज़र में आंकड़े
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। शुरुआती दौर की गिनती के बाद ही भाजपा ने एक बड़ी बढ़त बना ली है और यह बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है।
| पार्टी / गठबंधन | जीती गई सीटें | आगे चल रही सीटें | कुल बढ़त/जीत |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 111 | 95 | 206 |
| तृणमूल कांग्रेस (TMC) | 44 | 37 | 81 |
| अन्य | 0 | 7 | 7 |
| कुल | 155 | 139 | 294 |
मतगणना की विस्तृत प्रक्रिया
सोमवार को सुबह 8:00 बजे से पश्चिम बंगाल सहित पांच प्रमुख राज्यों—तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी—की 823 सीटों के लिए वोटों की गिनती शुरू हुई थी।
प्रक्रिया की शुरुआत पोस्टल बैलेट की गिनती के साथ हुई, जिसके बाद सुबह 8:30 बजे से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के मतों की गणना की गई। चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल और ECINET प्लेटफॉर्म पर हर राउंड के परिणाम रियल-टाइम में अपडेट किए जा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता बनी हुई है।
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