UP Shikshamitra News: उत्तर प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों के लिए मई का महीना खुशियों की सौगात लेकर आया है। लंबे समय से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे शिक्षामित्रों के लिए 5 मई का दिन कैलेंडर की एक साधारण तारीख नहीं, बल्कि उनके संघर्षों की जीत का दिन बनने जा रहा है। योगी सरकार ने न सिर्फ उनके मानदेय को बढ़ाया है, बल्कि अब उन्हें वह सम्मान और पहचान देने की तैयारी भी कर ली है, जिसके वे हकदार थे।
आइए जानते हैं कि 5 मई को होने वाले इस बड़े कार्यक्रम में क्या खास होने वाला है।
गोरखपुर से होगा भव्य आगाज
इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद गोरखपुर से करेंगे। आगामी 5 मई को सुबह 11 बजे बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में एक राज्यस्तरीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के जरिए मुख्यमंत्री प्रदेश के सभी शिक्षामित्रों को एक स्पष्ट संदेश देंगे कि वे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव हैं और सरकार उनके साथ खड़ी है। इस दौरान सीएम योगी शिक्षामित्रों से सीधा संवाद भी करेंगे।
मानदेय में वृद्धि का लाभ मिलना शुरू
शिक्षामित्रों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि मानदेय में वृद्धि का निर्णय केवल कागजों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह जमीन पर लागू हो चुका है। योगी कैबिनेट की मंजूरी के बाद, 1 अप्रैल 2026 से ही शिक्षामित्रों को 18,000 रुपए प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जा रहा है। इसमें बेसिक शिक्षा के 13,597 और समग्र शिक्षा के तहत आने वाले 1,29,332 शिक्षामित्र शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इस बढ़त से शिक्षामित्र आर्थिक रूप से सशक्त होंगे और स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
पूरे प्रदेश में मनेगा उत्सव
यह आयोजन सिर्फ गोरखपुर तक ही सीमित नहीं रहेगा। योगी सरकार का फैसला है कि इस कार्यक्रम को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाए। मानदेय में वृद्धि और यह पहल शिक्षामित्रों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई दिशा देगी। अगर आप कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो इसका सीधा प्रसारण दूरदर्शन और मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भी देख सकेंगे। जिससे प्रदेशभर के शिक्षामित्र इस अवसर के साक्षी बन सकें। साथ ही, सभी जनपदों में भी समानांतर रूप से आयोजन किए जाएंगे, जहां स्थानीय स्तर पर जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षामित्रों की भागीदारी उल्लेखनीय होगी।
शिक्षामित्रों के मानदेय को 18,000 रुपए करना और उन्हें उचित सम्मान देना उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। 5 मई का यह कार्यक्रम सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें वह बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा की नींव रखने वाले हाथों को भी संबल दे रही है। यह कदम निश्चित रूप से प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों के मनोबल को बढ़ाने वाला साबित होगा।
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