काशी अन्नपूर्णा आश्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वितरित किए सिलाई-कढ़ाई व कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, महिलाओं और बच्चों को किया स्वावलंबी बनाने का आह्वान

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उत्तर प्रदेश, शिवपुर, वाराणसी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन शिवपुर स्थित अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित काशी अन्नपूर्णा अन्न क्षेत्र ट्रस्ट के सिलाई-कढ़ाई एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र के 14वें सत्रांत कार्यक्रम में लगभग 250 बालक-बालिकाओं को सिलाई मशीन, लैपटॉप और प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने महंत शंकर पुरी और उनकी टीम को कार्यक्रम के भव्य आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने आश्रम के 108 वर्षों से चल रहे लोककल्याणकारी कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था समाज के हर वर्ग को शिक्षा, कौशल और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान कर रही है।

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काशी में महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएँ लागू की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, 60 लाख महिलाओं को आवास, 12 करोड़ से अधिक लोगों को शौचालय, 10 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन और 3 करोड़ लोगों को घरौनी उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और स्किल मिशन के माध्यम से महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि जितनी अधिक सिलाई और कौशल आधारित गतिविधियाँ करेंगी, उनकी आय में उतनी वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” योजना, आगामी वस्त्र मित्र पार्क और टेक्सटाइल पार्कों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये महिलाओं के लिए नए रोजगार अवसर खोलेंगे। उन्होंने कृषि और वस्त्र क्षेत्र में महिला रोजगार की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार की नीतियाँ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होंगी। उन्होंने आश्रम और मठों की भूमिका भी उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि ये संस्कृत और देववाणी के उत्थान के साथ-साथ गौसेवा और आध्यात्मिक शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान संस्कृत महाविद्यालय के छात्र वैदिक मंत्रोच्चार के माध्यम से कार्यक्रम को आध्यात्मिक वातावरण प्रदान कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने संस्कृत के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आने वाले समय में संस्कृत न केवल भारत बल्कि विश्व को जोड़ने वाली भाषा होगी। इसके लिए सरकार स्कॉलरशिप, उच्च स्तरीय शोध और छात्रावास सुविधाएँ उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने तक्षशिला विश्वविद्यालय और महर्षि पाणिनि, वाल्मीकि आदि के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्कृत दिव्य ज्ञान की भाषा है, जिसमें आध्यात्मिक और भावनात्मक समन्वय आवश्यक है।

इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने माता सरस्वती, महादेव और माता अन्नपूर्णा की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्ज्वलित करके की। महंत शंकर पुरी ने उनका स्वागत किया और कार्यक्रम की सफलता के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों, महिलाओं और प्रशिक्षुओं को उनके उज्ज्वल भविष्य और स्वावलंबी बनने के लिए शुभकामनाएँ दीं।

रिपोर्ट: वाराणसी, अरविंद सिंह

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