Moradabad Encounter: उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से से अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। मुरादाबाद में पुलिस और एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम ने एक खूंखार अपराधी का अंत कर दिया है। यह मुठभेड़ सिविल लाइंस इलाके में हुई, जहाँ 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाला शार्प शूटर आशु उर्फ मोंटी मारा गया। Moradabad पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल व्यापारियों में सुरक्षा का भाव जागा है, बल्कि अपराधियों के बीच भी कड़ा संदेश गया है।
यह पूरी घटना मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की है। पुलिस और एसटीएफ को पुख्ता जानकारी मिली थी कि कुछ शातिर बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से इलाके में घूम रहे हैं। इसी इनपुट पर कार्रवाई करते हुए जॉइंट टीम ने घेराबंदी शुरू की। जैसे ही पुलिस बदमाशों के करीब पहुँची, उन्होंने सरेंडर करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। मुरादाबाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कुख्यात बदमाश मोंटी को गोली लग गई, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।

5 करोड़ की रंगदारी और दहशत का अंत
इस मुठभेड़ के पीछे की कहानी 15 मार्च से शुरू हुई थी, जब एक स्थानीय व्यापारी ने मुरादाबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। व्यापारी से 5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रंगदारी मांगी गई थी और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी मिली थी। दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने व्यापारी की फैक्ट्री पर फायरिंग भी की थी। मुरादाबाद प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार इन अपराधियों के पीछे लगा हुआ था। मोंटी की मौत के साथ ही इस रंगदारी वाले गिरोह की कमर टूट गई है।
पश्चिमी यूपी का बड़ा अपराधी था मोंटी
मारा गया बदमाश आशु उर्फ मोंटी मूल रूप से हापुड़ का रहने वाला था, लेकिन उसकी आपराधिक गतिविधियां पूरे Moradabad और आसपास के जिलों में फैली हुई थीं। उस पर हत्या, लूट, डकैती और गैंगस्टर एक्ट जैसे करीब 36 संगीन मुकदमे दर्ज थे। जांच में पता चला कि साल 2010 में जेल जाने के बाद वह उधम सिंह गैंग के संपर्क में आया और उसका शार्प शूटर बन गया। Moradabad एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि बदमाश के पास से 32 बोर की पिस्टल, रिवॉल्वर और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं।

पुलिस की मुस्तैदी और सुरक्षा व्यवस्था
एनकाउंटर के दौरान एसटीएफ टीम की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगीं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बदमाश कितने खतरनाक थे। Moradabad पुलिस की इस बहादुरी की चारों तरफ चर्चा हो रही है । मोंटी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। घायल अवस्था में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल सिविल लाइंस इलाके में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और फरार आरोपी की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।
देखा जाए तो Moradabad में हुई यह मुठभेड़ अपराधियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। रंगदारी और धमकी के जरिए व्यापारियों को डराने वाले बदमाशों का अंजाम हमेशा बुरा ही होता है। पुलिस और एसटीएफ के इस जॉइंट ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यूपी में अब अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। आम जनता और व्यापारियों को अब राहत की सांस मिली है।
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