2001 में हुए संसद हमले में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों के परिवार ने शुक्रवार को उनके अदम्य साहस और बलिदान को याद किया। परिवार ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके सदस्य ने देश की लोकतांत्रिक संस्था की सुरक्षा करते हुए अपनी जान दी। फैमिली ने पत्रकारों से बातचीत में बताया, "हमें एक फोन कॉल आया कि संसद पर हमला हुआ है और उन्हें गोली लगी है। उस समय उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं थी, लेकिन हमें गर्व है कि उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।"
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि देश 2001 के संसद हमले में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने बताया कि उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और संसद के सभी सदस्य हर साल संसद परिसर में उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। रिजिजू ने कहा, “सुरक्षाकर्मियों ने हमारे लोकतंत्र के मंदिर को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। हम उनके साहस और बलिदान को हमेशा याद रखेंगे।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी संसद की रक्षा करते हुए शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि देश उनके और उनके परिवारों का हमेशा ऋणी रहेगा। राष्ट्रपति ने X पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि उनके शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा की भावना देशवासियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
The nation salutes the courageous heroes who laid down their lives while protecting our Parliament on this day in 2001. Their valour and devotion to duty continue to guide our national spirit. The country remains indebted to them and their families. On this day, we reaffirm…
— President of India (@rashtrapatibhvn) December 13, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, विपक्षी नेता राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
On this day, our nation remembers those who laid down their lives during the heinous attack on our Parliament in 2001. In the face of grave danger, their courage, alertness and unwavering sense of duty were remarkable. India will forever remain grateful for their supreme… pic.twitter.com/q8T26s1ogM
— Narendra Modi (@narendramodi) December 13, 2025
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी 2001 संसद हमले में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र के मंदिर, भारतीय संसद भवन पर हुए इस कायरतापूर्ण हमले में अपनी जान की आहुति देने वाले अमर नायकों को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।”
‘लोकतंत्र के मंदिर’ भारत के संसद भवन पर आज ही के दिन वर्ष 2001 में हुआ कायराना आतंकी हमला राष्ट्र की स्वायत्तता, स्वाभिमान और लोकशक्ति पर नृशंस आघात था।
इस हृदय विदारक घटना में अपने प्राणों की आहुति देकर संसद की गरिमा और राष्ट्र की रक्षा करने वाले अमर वीरों को विनम्र… pic.twitter.com/wnu6Bva5lO
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 13, 2025
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने भी 88 बटालियन की कांस्टेबल कमलेश कुमारी को याद किया, जिन्होंने संसद हमले में आतंकवादियों का पीछा किया और अपने साथियों को सूचनाएं देते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया। उनके बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।
13 दिसंबर 2001 को लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के पांच heavily armed आतंकवादियों ने नई दिल्ली में संसद परिसर में हमला किया। इस हमले में सुरक्षाकर्मियों और एक आम नागरिक समेत लगभग 09 लोग शहीद हुए। हमला संसद स्थगित होने के करीब 40 मिनट बाद हुआ, और उस समय भवन में लगभग 100 सदस्य मौजूद थे। देश ने उनके साहस, बलिदान और लोकतंत्र के प्रति समर्पण को हमेशा याद रखा है।
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