उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण युवाओं और बेरोजगारों के लिए मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत सुनहरा अवसर उपलब्ध कराया है। इस योजना के माध्यम से 18 से 40 वर्ष तक के उत्तर प्रदेश के निवासी ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन प्राप्त कर सकते हैं। सरकार न केवल वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और विपणन सहायता भी उपलब्ध कराती है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन किया जा सकता है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्थानीय उद्योगों का विकास करना है।
उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित इस योजना में प्राथमिकता परंपरागत और तकनीकी रूप से दक्ष कारीगरों को दी जाएगी। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी सत्यवीर सिंह ने बताया कि योजना के तहत सेवा एवं उत्पादन क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के पात्र 18 से 50 वर्ष तक के पुरुष और महिलाएं हैं। इसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के उद्योग, जैसे हस्तशिल्प, कपड़ा निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य ग्रामीण आधारित उद्यम स्थापित किए जा सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन पोर्टल upkvib.in पर उपलब्ध है। सामान्य वर्ग के उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट पर चार प्रतिशत ब्याज स्वयं वहन करना होगा, जबकि इससे अधिक ब्याज शासन द्वारा ब्याज उपादान के रूप में प्रदान किया जाएगा। आरक्षित वर्ग के लिए ब्याज उपादान की पूरी राशि सरकार वहन करेगी। इससे उद्यमियों की आर्थिक भारहीनता सुनिश्चित होती है और वे आसानी से अपनी स्वरोजगार इकाई स्थापित कर सकते हैं।
इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 100 से अधिक उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। युवाओं और महिलाओं के लिए यह अवसर आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त करता है। ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण कार्यक्रमों, वित्तीय सहायता और विपणन के माध्यम से अपने उद्यम को सफल बनाने का मौका मिलेगा। यह योजना न केवल रोजगार सृजन करेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
सरकारी अधिकारी मानते हैं कि इस योजना से ग्रामीण युवा अपनी प्रतिभा और कौशल का उपयोग कर रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगे। योजना का उद्देश्य केवल लोन प्रदान करना नहीं है, बल्कि युवाओं को व्यवसायिक मार्गदर्शन, उत्पादन क्षमता और बाजार में स्थायित्व प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के माध्यम से राज्य में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं की आत्मनिर्भरता सुनिश्चित होगी। यह योजना रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।







