देश की पहली बुलेट ट्रेन को लेकर एक बड़ी और अहम सफलता सामने आई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल कर लिया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत माउंटेन टनल-5 का ब्रेकथ्रू सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। रेल मंत्री ने इसे पूरे प्रोजेक्ट के लिए बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि इससे निर्माण कार्य को और गति मिलेगी।
कुल 7 माउंटेन टनल और समुद्र के नीचे भी सुरंग
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पूरे बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में कुल 7 माउंटेन टनल और एक समुद्र के नीचे टनल बनाई जा रही है। यह देश की किसी भी रेल परियोजना में अब तक का सबसे चुनौतीपूर्ण काम माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट आधुनिक इंजीनियरिंग और जापान की हाई-स्पीड रेल तकनीक का बेहतरीन उदाहरण है।
🇮🇳 Bharat Ka Garv: Bullet Train Project, achieves a major milestone with the breakthrough of Mountain Tunnel-5.
📍Saphale, Palghar pic.twitter.com/4wtQUUIAvX— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) January 2, 2026
12 स्टेशन, साबरमती से लेकर मुंबई बीकेसी तक
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर कुल 508 किलोमीटर लंबा है। यह गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा। इस रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं जैसे –
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साबरमती (टर्मिनल स्टेशन)
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अहमदाबाद
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वड़ोदरा
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सूरत
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बिलिमोरा
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वापी
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ठाणे
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मुंबई बीकेसी (टर्मिनल स्टेशन)
रेल मंत्री ने बताया कि साबरमती और मुंबई का बीकेसी स्टेशन इस प्रोजेक्ट के टर्मिनल स्टेशन होंगे।
3 डिपो क्यों बनाए जा रहे हैं?
अश्विनी वैष्णव ने डिपो को लेकर भी अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आम तौर पर 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए सिर्फ 2 डिपो पर्याप्त होते हैं, लेकिन इस प्रोजेक्ट में 3 डिपो बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में पिछली सरकार (उद्धव ठाकरे के कार्यकाल) के दौरान लंबे समय तक डिपो निर्माण की अनुमति नहीं मिली। इसी वजह से बाद में अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े और तीसरे डिपो की योजना बनाई गई।
320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन जापान की शिंकानसेन तकनीक पर आधारित है। यह ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।
वर्तमान में मुंबई से अहमदाबाद का सफर जहां 7 से 8 घंटे में पूरा होता है, वहीं बुलेट ट्रेन से यह दूरी मात्र 2 घंटे 17 मिनट में तय हो जाएगी।
प्रोजेक्ट की लागत और काम की प्रगति
इस मेगा प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 1.08 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। फिलहाल परियोजना का 55 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, अब तक बने ट्रैक का करीब 85 प्रतिशत हिस्सा एलिवेटेड ट्रैक का है, जिससे भूमि अधिग्रहण और शहरी क्षेत्रों में निर्माण आसान हो सके।
पहली बुलेट ट्रेन कब चलेगी?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ किया कि देश की पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 से शुरू होगी।
शुरुआती चरण में यह ट्रेन गुजरात में सूरत से बिलिमोरा या सूरत से वापी के बीच 50 से 100 किलोमीटर के खंड पर दौड़ेगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरा कॉरिडोर 2029 तक चालू कर दिया जाएगा।
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अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
रेल मंत्री ने कहा कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट सिर्फ यात्रा का समय ही कम नहीं करेगा, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण और लागत में वृद्धि जैसी चुनौतियों के बावजूद सरकार इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
भारत के रेल इतिहास में नया अध्याय
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को भारत के रेल इतिहास का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट माना जा रहा है। माउंटेन टनल-5 का ब्रेकथ्रू इस बात का संकेत है कि अब देश की पहली बुलेट ट्रेन का सपना धीरे-धीरे हकीकत बनने की ओर बढ़ रहा है।







